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Showing posts with the label short stories in hindi

चालाक खरगोश और भेड़िया

एक बार एक चीकू नाम का खरगोश था। एक दिन वह अपनी पत्नी के साथ बाग में धूम रहा था।  जब उसकी पत्नी ने पेड़ पर मीठे-मीठे फल लटके देखे तो उसके मुँह में पानी आ गया उसने चीकू से फल तोड़कर लाने को कहा। इस पर चीकू ने कहा कि यह बाग एक भेड़िये का है जो बहुत ही खूँखार है। अगर उसे पता चल गया कि हमने फल तोड़े है तो वह हम दोनों को मार कर खा जायेगा। परन्तु चीकू की पत्नी उसके समझाने पर भी ना मानी हारकर चीकू को फल तोड़ने जाना पड़ा।  चीकू ने जैसे ही फल तोड़ने शुरू करे, वहाँ भेड़िया आ गया। चीकू फौरन फल लेकर भगा और पास पड़े एक ड्रम में घुस गया और उस ड्रम में फल रखकर बाहर आकर चुपचाप खड़ा हो गया।  तभी भेड़िया वहाँ आ गया और उसने चीकू से पूछा कि क्या उसने किसी खरगोश को वहाँ से फल ले जाते हुए देखा है।  चीकू फौरन समझ गया कि भेड़िये ने उसे पहचाना नहीं । उसने भेड़िये से कहा कि अभी-अभी एक खरगोश को मैने इस ड्रम में घूसते हुए देखा है । उसके पास बहुत से फल थे। भेड़िया ड्रम के पास गया तो उसे उसमें से फलों की खुशबू आ रही थी। भेड़िया खरगोश को मारने के लिए उस ड्रम में घूस गया।  चालाक चीकू के फटाफट ड...

Compassionate King| दयालु राजा

दयालु राजा ( Compassionate King) भावनगर के राजा एक बार गर्मियों के दिनों में अपने आम के बागों में आराम कर रहे थे और वह बहुत ही खुश थे की उनके बागों में बहुत अच्छे आम लगे थे और ऐसे ही वो अपने खयालों में खोये हुए थे । तब वहाँ से एक ग़रीब किसान गुज़र रहा था और वह बहुत भूखा था, उसका परिवार पिछले दो दिन से भूखा था तो उसने देखा की क्या मस्त आम लगे है अगर मैं यहाँ से कुछ आम तोड़ कर ले जाऊँ तो मेरे परिवार के खाने का बंदोबस्त हो जाएगा  । यह सोच कर वह उस बाग़ में घुस गया उसे पता नहीं था की इस बाग़ में भावनगर के राजा  आराम कर रहे हैं  वो तो चोरी छुपे घुसते ही एक पत्थर उठा कर आम के पेड़ पे लगा दिया और वह पत्थर आम के पेड़ से टकराकर सीधा राजाजी के सर पे लगा  । राजाजी का पूरा सर खून से लत पथ हो गया और वो अचानक हुए हमले से अचंभित थे और उन्हें यह समझ ही नहीं आ रहा था की आखिर उनपर हमला किसने किया  । राजा ने अपने सिपाहियों को आवाज़ दी तो सारे सिपाही दोड़े चले आयें और राजाजी का यह हाल देख उन्हें लगा की किसी ने राजाजी पे हमला किया है तो वह बागीचे के चारों तरफ आरोपी को ढूढ़न...

Taste of salt - Motivational Story In Hindi

नमक का स्वाद एक बार एक परेशान और निराश व्यक्ति अपने गुरु के पास पहुंचा और बोला – “गुरूजी मैं जिंदगी से बहुत परेशान हूँ| मेरी जिंदगी में परेशानियों और तनाव के सिवाय कुछ भी नहीं है| कृपया मुझे सही राह दिखाइये|” गुरु ने एक गिलास में पानी भरा और उसमें मुट्ठी भर नमक डाल दिया| फिर गुरु ने उस व्यक्ति से पानी पीने को कहा| उस व्यक्ति ने ऐसा ही किया| गुरु :- इस पानी का स्वाद कैसा है ?? “बहुत ही ख़राब है” उस ब्यक्ति ने कहा| फिर गुरु उस व्यक्ति को पास के तालाब के पास ले गए| गुरु ने उस तालाब में भी  मुठ्ठी भर नमक डाल दिया फिर उस व्यक्ति से कहा – इस तालाब का पानी पीकर  बताओ की कैसा है| उस व्यक्ति ने तालाब का पानी पिया और बोला – गुरूजी यह तो बहुत ही मीठा है| गुरु ने कहा – “बेटा जीवन के दुःख भी इस मुठ्ठी भर नमक के समान ही है| जीवन में दुखों की मात्रा वही रहती है – न ज्यादा न कम| लेकिन यह हम पर निर्भर करता है कि हम दुखों का कितना स्वाद लेते है| यह हम पर निर्भर करता है कि हम अपनी सोच एंव ज्ञान को गिलास की तरह सीमित रखकर रोज खारा पानी पीते है या फिर तालाब की तरह बनकर मीठा पा...