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Showing posts with the label Hindi Story

बिल्ली और बंदर

एक गाँव में दो बिल्लियाँ रहती थीं । वह आपस में बहुत प्यार से रहती थीं। उन्हे जो कुछ मिलता था, उसे आपस में बाँटकर खाया करती थीं।  एक दिन उन्हे एक रोटी मिली। उसे बराबर-बराबर बाँटते समय उनमें झगड़ा हो गया। एक बिल्ली को अपनी रोटी का टुकड़ा दूसरी बिल्ली के रोटी के टुकड़े से छोटा लगा। परन्तु दूसरी बिल्ली को अपनी रोटी का टुकड़ा बड़ा नहीं लगा। जब दोनों बिल्लियाँ किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाई तो दोनों बिल्लियाँ एक बंदर के पास गयीं।  उन्होनें बंदर को सारी बात बताई और उससे न्याय करने के लिये कहा।  सारी बात सुनकर बंदर एक तराजु लेकर आया और दोनों टुकड़े एक-एक पलडे में रख दिये।  तोलते समय जो पलड़ा भारी हुआ, उस वाली तरफ से उसने थोड़ी सी रोटी तोड़कर अपने मुंह में डाल ली ।  अब दूसरी तरफ का पलड़ा भारी हो गया, तो बंदर ने उस तरफ से रोटी तोड़कर अपने मुंह में डाल ली। इस तरह बंदर कभी इस तरफ से तो कभी उस तरफ से रोटी ज्यादा होने का कहकर रोटी तोड़कर अपने मुंह में डाल लेता।  दोनों बिल्लियाँ चुपचाप बंदर के फैसले का इंतज़ार करती रही। परन्तु जब बिल्लियों ने देखा कि रोटी के दोनों टुकड़े ब...

David and Goliath in Hindi

डेविड और गोलिएथ की कहानी किसी गाँव में गोलिएथ नामक दैत्य बार-बार आकर वहां के निवासियों को खा जाता था. एक दिन गाँव में डेविड नामक 15 वर्षीय गड़रिया अपने मित्र से मिलने के लिए आया. उसने अपने मित्र से पूछा – “तुम सभी मिलकर उस दैत्य का सामना क्यों नहीं करते?” भयभीत मित्र ने डेविड से कहा – “लगता है कि तुमने अभी गोलिएथ को देखा नहीं है. वह इतना विशाल है कि हम उसे मार नहीं सकते!” डेविड ने कहा – “अच्छा! यदि वह वाकई बहुत विशाल है तो इतना निश्चित है कि उसपर लगाया गया निशाना चूक नहीं सकता”. और कहते हैं कि डेविड ने एक दिन गोलिएथ पर गुलेल से निशाना साधकर उसे गिरा दिया और पलक झपकते ही उसे अपनी तलवार से मार दिया. इस कहानी में डेविड की शारीरिक शक्ति नहीं बल्कि उसके नज़रिए ने उसे गोलिएथ पर विजय दिलाई.