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किसान की समस्या | Motivational story in Hindi

एक समय की बात है एक किसान एक बकरी, एक शेर,  और एक घास का गट्ठर को लेकर नदी के किनारे खड़ा था। वहां नदी के किनारे एक नाव थी। वह उस नाव से नदी पार करना चाहता था, लेकिन नाव बहुत छोटी थी।  वह सारे सामान समेत एक बार में पार नहीं कर सकता था। यह उसके लिए एक समस्या थी। वह नाव पर अपने साथ केवल 1 चीज़ ही साथ ले जा सकता था वरना नाव डूब सकती थी। अब समस्या यह थी कि अगर वह शेर को पहले ले जाकर नदी पार छोड़ आता है तो इधर बकरी घास खा जाती और अगर घास को पहले नदी पार ले जाता है तो शेर बकरी को खा जाता। किसान ने कुछ तरकीब सोची। उसे एक समाधान सूझ गया। उसने पहले बकरी को साथ में लिया और नाव में बैठकर नदी के पार छोड़ आया।  इसके बाद दूसरे चक्कर में उसने शेर को नदी पार छोड़ दिया, लेकिन लौटते समय बकरी को फिर से अपने साथ किनारे की दूसरी तरफ ले आया। अब इस बार उसने बकरी को नाव से उतारा और घास के गट्ठर को नाव में रख कर दूसरी और शेर के पास छोड़ आया। शेर घास के ढेर को नहीं खा सकता था इसलिए वह अब बिना किसी फ़िक्र के बकरी को लेने जा सकता था। वह नाव लेकर गया और बकरी को भी ले आया। इस प्रकार उसने नदी पार कर ली और ख...

Taste of salt - Motivational Story In Hindi

नमक का स्वाद एक बार एक परेशान और निराश व्यक्ति अपने गुरु के पास पहुंचा और बोला – “गुरूजी मैं जिंदगी से बहुत परेशान हूँ| मेरी जिंदगी में परेशानियों और तनाव के सिवाय कुछ भी नहीं है| कृपया मुझे सही राह दिखाइये|” गुरु ने एक गिलास में पानी भरा और उसमें मुट्ठी भर नमक डाल दिया| फिर गुरु ने उस व्यक्ति से पानी पीने को कहा| उस व्यक्ति ने ऐसा ही किया| गुरु :- इस पानी का स्वाद कैसा है ?? “बहुत ही ख़राब है” उस ब्यक्ति ने कहा| फिर गुरु उस व्यक्ति को पास के तालाब के पास ले गए| गुरु ने उस तालाब में भी  मुठ्ठी भर नमक डाल दिया फिर उस व्यक्ति से कहा – इस तालाब का पानी पीकर  बताओ की कैसा है| उस व्यक्ति ने तालाब का पानी पिया और बोला – गुरूजी यह तो बहुत ही मीठा है| गुरु ने कहा – “बेटा जीवन के दुःख भी इस मुठ्ठी भर नमक के समान ही है| जीवन में दुखों की मात्रा वही रहती है – न ज्यादा न कम| लेकिन यह हम पर निर्भर करता है कि हम दुखों का कितना स्वाद लेते है| यह हम पर निर्भर करता है कि हम अपनी सोच एंव ज्ञान को गिलास की तरह सीमित रखकर रोज खारा पानी पीते है या फिर तालाब की तरह बनकर मीठा पा...