एक समय की बात है एक किसान एक बकरी, एक शेर, और एक घास का गट्ठर को लेकर नदी के किनारे खड़ा था।
वहां नदी के किनारे एक नाव थी। वह उस नाव से नदी पार करना चाहता था, लेकिन नाव बहुत छोटी थी।
वह सारे सामान समेत एक बार में पार नहीं कर सकता था। यह उसके लिए एक समस्या थी। वह नाव पर अपने साथ केवल 1 चीज़ ही साथ ले जा सकता था वरना नाव डूब सकती थी।
अब समस्या यह थी कि अगर वह शेर को पहले ले जाकर नदी पार छोड़ आता है तो इधर बकरी घास खा जाती और अगर घास को पहले नदी पार ले जाता है तो शेर बकरी को खा जाता।
किसान ने कुछ तरकीब सोची। उसे एक समाधान सूझ गया। उसने पहले बकरी को साथ में लिया और नाव में बैठकर नदी के पार छोड़ आया।
इसके बाद दूसरे चक्कर में उसने शेर को नदी पार छोड़ दिया, लेकिन लौटते समय बकरी को फिर से अपने साथ किनारे की दूसरी तरफ ले आया।
अब इस बार उसने बकरी को नाव से उतारा और घास के गट्ठर को नाव में रख कर दूसरी और शेर के पास छोड़ आया।
शेर घास के ढेर को नहीं खा सकता था इसलिए वह अब बिना किसी फ़िक्र के बकरी को लेने जा सकता था।
वह नाव लेकर गया और बकरी को भी ले आया। इस प्रकार उसने नदी पार कर ली और खुशी खुशी अपने घर चला गया।
इस कहानी से हमें क्या सबक मिलता है
दोस्तों इस कहानी से हमें यह सबक मिलता है कि हमको कभी भी मुश्किलों से घबराना नहीं चाहिए बल्कि उसका हल खोजना चाहिए।
हमारा ध्यान परेशानियों पर नहीं, उसके निवारण पर होना चाहिए इस प्रकार हम किसी भी समस्या का समाधान निकाल सकते हैं।
दोस्तों आपको यह कहानी कैसी लगी हमको कमेंट करके जरूर बताएं।
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