पिंकी को स्कूल जाना बहुत पसंद था। वह रोज स्कूल जाया करती थी। वह पढ़ाई में बहुत होशियार थी और सभी टीचर्स उसको पसंद करते थे। पिंकी अपनी क्लास के सभी बच्चों की अच्छी दोस्त भी थी। एक दिन क्लास टीचर ने पिंकी को बुलाया और सब बच्चों से कहां - पिंकी पढ़ाई में बहुत अच्छी है और हर साल वह क्लास में फर्स्ट आती है। पिंकी स्पोर्ट्स और एक्टिविटीज में भी बहुत अच्छी हैं। इसलिए आज से मैं पिंकी को क्लास का मॉनिटर बनाती हूं। पिंकी ने जवाब दिया - टीचर मैं आज से पहले कभी मॉनिटर नहीं बनी इसलिए मुझे नहीं पता मॉनिटर कैसे बना जाता है। टीचर ने कहा - कोई बात नहीं। मैं तुम्हें सिखाऊंगी। पिंकी ने कहा - ठीक है। अब पिंकी हमेशा टीचर के सामने वाली सीट पर बैठा करती थी। टीचर को जब भी कोई काम होता था तो वह पिंकी से कहती थी। इस तरह सब कुछ सही चल रहा था। पिंकी भी मॉनिटर बनके बहुत खुश थी। एक दिन टीचर ने पिंकी से कहा कि मुझे कुछ काम है। मैं थोड़ी देर में वापस आऊंगी। तुम पूरी क्लास का ध्यान रखना और देखना कि कोई शोर ना करें। पिंकी ने कहा - ठीक है। टीचर के जाते ही सभी बच्चे उछल-कूद करने लग गए और जोर जोर से बात करने लग गए। प...