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सुन्दर घोडा

एक जगह एक सुन्दर घोडा घास चरा करता था लेकिन उसको हमेशा डर लगा रहता था क्यूंकि उसी इलाके में एक बाघ भी कभी कभार दिख जाता था। 

लेकिन फिर भी चारा खाने वह घोडा उस इलाके में रोज आता था। 

एक दिन उसको वही पर एक शिकारी मिला। घोड़े ने उस शिकारी से अपनी परेशानी साझा की। 

शिकारी ने बोला "मुझे डर नहीं लगता क्यूंकि मेरे पास बन्दूक है और इससे मै किसी भी जानवर को मार गिरा सकता हु।"

यह सुन कर घोड़े ने शिकारी से पूछा की क्या शिकारी उसकी मदद कर सकता है। 

शिकारी ने उसको बोला "मेरे साथ रहो ,तुम्हारी जान को कभी ख़तरा नहीं होगा।" 

घोडा मान गया और वह शिकारी उसके ऊपर बैठ कर उसको शहर के एक अस्तबल में पैसों के बदले छोड़ आया। 

घोडा सोचना लगा 'मुझे जान से खतरा तो हट गया लेकिन मेरी आजादी छीन गयी।'

MORAL: दूसरे छोर पर हमेशा हरियाली दिखती है। लालच में हम वह सब भी गवा देते हैं जो हमारे पास होता है।

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