एक घना जंगल था उसने बहुत सारे जानवर रहा करते थे। वहीं गधा भी रहता था।
एक बार गधा जंगल में घास चर रहा था। अचानक वहां एक भेड़िया आ जाता है।
वो भेड़िया सोचता है कि क्यों ना आज इस गधे का शिकार किया जाये, काफी तंदरुस्त और मोटा ताजा गधा है। इससे तो दो तीन दिन का काम हो जायेगा।
यही सोचकर वो गधे के पास जाता है और बोलता है – अरे गधे! तेरे दिन अब ख़त्म हुए, आज मैं तुम्हें मार के खाने जा रहा हूँ।
अचानक गधा घबरा जाता है और हक्काबक्का रह जाता है फिर भी वह साहस नहीं छोड़ता।
फिर कुछ सोचकर भेड़िये से बोलता है – आपका स्वागत है श्रीमान! मुझे कल साक्षात भगवान ने सपने में आकर कहा था कि कोई बड़ा दयालु और बुद्धिमान जानवर आकर मेरा शिकार करेगा और मुझे इस दुनिया के बंधन से मुक्त करायेगा। मुझे लगता है कि आप ही वो दयालु और बुद्धिमान जानवर हैं।
भेड़िया सोचता है कि वाह! ये तो खुद ही मेरा शिकार बनने को तैयार है ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी इसको मारने में।
गधा फिर बोलता है – लेकिन महाराज मेरी एक आखिरी इच्छा है, मैं चाहता हूँ कि आप मुझे खाने से पहले मेरी आखिरी इच्छा जरूर पूरी करें।
भेड़िया बोला- हाँ हाँ क्यों नहीं? कहो क्या है तुम्हारी आखिरी इच्छा?
गधा विनम्रता से बोला- महाराज मेरे पैर में एक छोटा पत्थर फंस गया है क्या आप उसे निकल देंगे?
भेड़िया खुश होकर बोला- वाह इतना सा काम? रुको मैं अभी करता हूँ, कहाँ है पत्थर?
फिर भेड़िया गधे के पीछे जाकर जैसे ही उसके पैर के पास गया, गधे ने भेड़िये के चेहरे पे इतनी जोर से लात मारी कि भेड़िया बहुत दूर जाकर गिरा।
उसके बाद गधा पूरी ताकत के साथ वहां से भाग निकला, भेड़िया देखता रह गया।
शिक्षा: हर परेशानी का हल जरूर होता है बस हिम्मत और विवेक से काम लीजिये। धन्यवाद!
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